17/06/2026
शब्दों से जुड़ेगा समाज, जब गूँजेगी रेडियो की आवाज़!
राष्ट्रीय पठन मिशन 2026 - कम्युनिटी रेडियो स्टेशन्स के माध्यम से एक नई अलख
हम दिल से अभिनंदन और सम्मान करते हैं उन सभी 'कम्युनिटी रेडियो स्टेशन्स' का, जो अपने अनोखे प्रयासों से समाज में पढ़ने की ललक, सीखने की ललक और जीवनभर कुछ नया करने का जज़्बा जगा रहे हैं। पी. एन. पणिकर फाउंडेशन द्वारा शुरू किया गया यह 'राष्ट्रीय पठन मिशन', हर समुदाय के भीतर छिपी बौद्धिक क्षमता को निखारने और लोगों के दिलों में किताबों व ज्ञान के प्रति एक कभी न खत्म होने वाला प्रेम जगाने का एक महा-अभियान है। आइए, इस वैचारिक क्रांति का हिस्सा बनें
16/06/2026
आवाज़ की ताक़त, बदलाव की आहट – CRA का नया आगाज़
एक नए जज़्बे, नई ऊर्जा और अटूट विश्वास के साथ CRA का यह नया संस्करण आपके हाथों में है। अक्सर बदलाव की बड़ी-बड़ी बातें बंद कमरों में होती हैं, लेकिन बदलाव की असली पटकथा तो देश के उन दूर-दराज़ कोनों में लिखी जाती है जहाँ रेडियो की एक छोटी सी तरंग किसी की ज़िंदगी का सबसे बड़ा संबल बन जाती है। CRA का यह अंक सिर्फ पन्नों का पुलिंदा नहीं है, यह उन लाखों अनसुनी आवाज़ों की गूंज है जिन्हें मुख्यधारा का शोर अक्सर दबा देता है। यह संस्करण गवाह है उस मां के संघर्ष का जिसने अपनी बात कहने का साहस पाया, उस युवा की सोच का जिसने गाँव में रहकर क्रांति की नींव रखी, और उस कम्युनिटी रेडियो की ताक़त का जो हर मुश्किल घड़ी में समाज की सबसे मज़बूत ढाल बनकर खड़ा रहा।हमने सिर्फ कहानियाँ नहीं चुनी हैं, हमने उन धड़कनों को समेटा है जो विपरीत दिशा में बहती हवाओं का रुख मोड़ने का दम रखती हैं। CRA का यह नया अध्याय आपको एहसास कराएगा कि जब एक आवाज़, हज़ारों दिलों का विश्वास बनती है, तो बदलाव को आना ही पड़ता है। आइए, शब्दों के इस नए कारवां से जुड़िए, महसूस कीजिए उस गूंज को जो समाज की तक़दीर बदल रही है। क्योंकि जब तक हमारे पास हमारी आवाज़ है, तब तक हर उम्मीद ज़िंदा है!
02/06/2026
हिंदुस्तान के हौसलों की दास्तान - CRA का नया न्यूज़लेटर
एक नए संकल्प और ताज़ा दृष्टिकोण के साथ CRA का यह नया अंक आपके समक्ष हाज़िर है। सुर्ख़ियों के शोर और चकाचौंध से परे, ज़िंदगी का एक ऐसा कोना भी है जहाँ वक़्त बहुत सादगी से करवट लेता है। हम अक्सर जिन रास्तों को अनदेखा कर गुज़र जाते हैं, वहीं असल बदलाव की सबसे खूबसूरत इबारत लिखी जा रही होती है। हमारा यह ताज़ा कोना उन खामोश हाथों के सम्मान में है, जो बिना कोई शोर किए, इस समाज की तक़दीर में बदलाव के नए रंग भर रहे हैं।
यह संस्करण उन ज़िद्दी हौसलों का है जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों के आगे घुटने टेकने के बजाय, उन्हें ही अपनी सबसे बड़ी ताकत बना लिया।
शब्दों का यह नया ताना-बाना सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि एक सकारात्मक बदलाव का हिस्सा बनने के लिए है। आईये और इस नए अध्याय को हमारे साथ जिएं, क्योंकि हर अनसुनी कहानी में समाज को बदलने का एक नया रास्ता छिपा होता है।
26/05/2026
डॉ. आर. श्रीधर — जिन्होंने रेडियो को केवल तरंगों तक नहीं, बल्कि दिलों तक पहुँचाया।
राष्ट्रपति महोदया के करकमलों से पद्मश्री 2026 से सम्मानित होने का यह गौरवपूर्ण क्षण केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं, बल्कि उन करोड़ों आवाज़ों की जीत है जिन्हें वर्षों तक सुनने वाला कोई मंच नहीं मिला था।
5 दशकों से अधिक के अपने अद्भुत अनुभव, समर्पण और दूरदर्शी सोच के साथ डॉ. आर. श्रीधर ने भारत में संचार की दुनिया को एक नई दिशा दी। उन्हें यूँ ही “भारत में कम्युनिटी रेडियो के जनक” नहीं कहा जाता। वर्ष 2004 में उन्होंने भारत के पहले कम्युनिटी रेडियो स्टेशन की कल्पना की, उसका डिज़ाइन तैयार किया और उसे स्थापित कर यह सिद्ध कर दिया कि रेडियो केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज परिवर्तन की एक सशक्त आवाज़ भी बन सकता है। उनकी अथक मेहनत, जनसेवा की भावना और ग्रामीण भारत को सशक्त बनाने के संकल्प ने देशभर में 300 से अधिक कम्युनिटी रेडियो स्टेशनों की स्थापना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इन स्टेशनों ने गाँवों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और दूर-दराज़ के समुदायों को अपनी बात कहने, अपनी पहचान बनाने और अपने सपनों को उड़ान देने का मंच प्रदान किया।
डॉ. श्रीधर का जीवन हमें यह प्रेरणा देता है कि जब उद्देश्य समाज की भलाई हो और इरादे मजबूत हों, तो एक व्यक्ति भी पूरे देश में परिवर्तन की लहर ला सकता है। उनका सफर समर्पण, नवाचार और सेवा की ऐसी मिसाल है जो आने वाली पीढ़ियों को निरंतर प्रेरित करती रहेगी। उनकी उपलब्धियाँ केवल पुरस्कारों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उन अनगिनत मुस्कानों, आत्मविश्वास भरी आवाज़ों और जागरूक समुदायों में जीवित हैं, जिन्हें उन्होंने अपनी सोच और प्रयासों से नई पहचान दी।
https://www.facebook.com/reel/1626107398459937
18/05/2026
आज की समझदारी, कल का आत्मनिर्भर भारत
बदलाव की शुरुआत हमेशा खुद से और हमारे छोटे-छोटे प्रयासों से होती है।
आइए, प्रधानमंत्री जी की इस सार्थक अपील को अपनी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं।
देश की आर्थिक मजबूती और पर्यावरण की रक्षा में अपना एक जिम्मेदार कदम बढ़ाएं!
17/05/2026
अनकही आवाज़ों का कारवाँ - CRA का नया न्यूज़लेटर
मुख्यधारा की हेडलाइंस से दूर, ज़िंदगी का एक और पहलू भी है— सादगी से भरा, संघर्ष से निखरा हुआ। CRA का यह नया संस्करण आपके सामने उन्हीं रूहानी क़िस्सों की पोटली खोल रहा है, जिन्हें अक्सर अनदेखा कर दिया जाता है। यह सिर्फ खबरों का संकलन नहीं है, यह उन रूहों की गूँज है जो चुपचाप इस दुनिया को और खूबसूरत बनाने में जुटी हैं। इस बार हम आपको मिला रहे हैं उन ज़मीनी फ़रिश्तों से, जिनकी आवाज़ में पहाड़ों सा ठहराव है और इरादों में दरिया सी रवानी। चाहे वो गाँव की किसी पगडंडी का अकेला राही हो या शहर की भीड़ में अपनी पहचान गढ़ता कोई किरदार, यहाँ हर एक की धड़कन को लफ़्ज़ों में पिरोया गया है।
आइए, शब्दों के इस सफ़र में हमारे हमसफ़र बनिए, इसे सिर्फ अपनी आँखों से मत पढ़िएगा, बल्कि अपने दिल से महसूस कीजिएगा। क्योंकि जब तक हम इन आवाज़ों को अपनी ख़ामोशी नहीं देंगे, तब तक समाज में मुकम्मल बदलाव की गूँज कैसे सुनाई देगी?
02/05/2026
अनकहे अल्फाज़, अनसुने नायक – CRA का नया न्यूज़लेटर
खबरें तो सब पढ़ते हैं, पर क्या आप उन आवाजों को 'सुन' पा रहे हैं जो समाज की दिशा बदल रही हैं? CRA (Community Radio Association) का नया न्यूज़लेटर अब आपके बीच है— एक ऐसा मंच जहाँ हर कहानी एक क्रांति है। हमने उन आवाजों को सहेजा है जो मुख्यधारा की चकाचौंध से दूर, अपने दम पर नई इबारत लिख रही हैं। यह अंक आपको उन नायकों से मिलाएगा जो खामोशी से बदलाव की मशाल थामे खड़े हैं। गाँव की पगडंडी हो या शहर का छोटा सा कोना, यहाँ हर आवाज़ को मुकाम मिलता है।
पढ़िए, जुड़िए और इस संवाद का हिस्सा बनिए। क्योंकि जब तक हम सुनेंगे नहीं, तब तक बदलाव दिखेगा नहीं।
16/04/2026
आवाज़ें जो अनसुनी नहीं रहेंगी – सी.आर.ए. का नया संवाद पत्र
क्या आप उन कहानियों को जानना चाहते हैं जो सच में इस देश की धड़कन हैं? जहाँ हर आवाज़ के पीछे एक संघर्ष, एक बदलाव और एक उम्मीद छिपी है? Community Radio Association लेकर आया है अपना नया न्यूज़लेटर— एक ऐसा मंच, जहाँ जमीनी सच्चाइयाँ सिर्फ पढ़ी नहीं जातीं, बल्कि महसूस की जाती हैं।
इस अंक में आपको मिलेंगी वो कहानियाँ— जो अक्सर खबरों की भीड़ में खो जाती हैं, लेकिन असल में वही हमारे समाज की असली तस्वीर बनाती हैं। गाँव की पगडंडियों से लेकर शहरों की रफ्तार तक, हर कोना, हर आवाज़… यहाँ अपनी बात खुद कहती है।