16/09/2024
!!पितृ पक्ष 2024 श्राद्ध की तिथियां !!
17 सितंबर 2024 पूर्णिमा श्राद्ध :
पूर्णिमा तिथि 17 सितंबर को सुबह 11 बजकर 44 मिनट से लेकर 18 सितंबर सुबह 08 बजकर 4 मिनट तक रहेगी।
प्रतिपदा श्राद्ध : 18 सितंबर 2024 बुधवार
द्वितीया श्राद्ध :19 सितंबर 2024 गुरुवार।।
तृतीया श्राद्ध : 20 सितंबर 2024 शुक्रवार।।
चतुर्थी श्राद्ध : 21 सितंबर 2024 शनिवार ।।
पंचमी श्राद्ध : 22 सितंबर 2024 रविवार ।।
षष्ठी श्राद्ध : 23 सितंबर 2024 सोमवार।
सप्तमी श्राद्ध : 24 सितंबर 2024 मंगलवार।
अष्टमी श्राद्ध : 25 सितंबर 2024 बुधवार।।
नवमी श्राद्ध : 26 सितंबर 2024 गुरुवार।
दशमी श्राद्ध : 27 सितंबर 2024 शुक्रवार।
एकादशी श्राद्ध : 28 सितंबर 2024 शनिवार।
द्वादशी का श्राद्ध : 29 सितंबर 2024 रविवार ।।
त्रयोदशी का श्राद्ध :30 सितंबर 2024 सोमवार
चतुर्दशी का श्राद्ध : 1 अक्टूबर 2024 मंगलवार।।
अमावस्या का श्राद्ध : 2 अक्टूबर 2024 बुधवार।।
आचार्य पंडित श्री अजीत शास्त्री
9630750937,9540602909
09/02/2024
* माघ मासीय गुप्त नवरात्रि कल से प्रारंभ*
10 फरवरी प्रतिपदा- रोगमुक्त रहने के लिए प्रतिपदा तिथि के दिन मां शैलपुत्री को गाय के घी से बनी सफेद चीजों का भोग लगाएं.
11 फरवरी द्वितीया- लंबी उम्र के लिए द्वितीया तिथि को मां ब्रह्मचारिणी को मिश्री, चीनी और पंचामृत का भोग लगाएं.
13 फरवरी तृतीया- दुख से मुक्ति के लिए तृतीया तिथि पर मां चंद्रघंटा को दूध और उससे बनी चीजों का भोग लगाएं.
14 फरवरी ,चतुर्थी- तेज बुद्धि और निर्णय लेने की क्षमता बढ़ाने के लिए चतुर्थी तिथि पर मां कुष्मांडा को मालपुए का भोग लगाएं.
15 फरवरी ,पंचमी- स्वस्थ शरीर के लिए मां स्कंदमाता को केले का भोग लगाएं.
16 फरवरी , षष्ठी- आकर्षक व्यक्तित्व और सुंदरता पाने के लिए षष्ठी तिथि के दिन मां कात्यायनी को शहद का भोग लगाएं।
17 फरवरी , सप्तमी- संकटों से बचने के लिए सप्तमी के दिन मां कालरात्रि की पूजा में गुड़ का नैवेद्य अर्पित करें.
18 फरवरी अष्टमी- संतान संबंधी समस्या से छुटकारा पाने के लिए अष्टमी तिथि पर मां महागौरी को नारियल का भोग लगाएं.
19 फरवरी नवमी- सुख-समृद्धि के लिए नवमी पर मां सिद्धिदात्री को हलवा, चना-पूरी, खीर आदि का भोग लगाएं.
।।भाग्योदय ज्योतिष निकेतन।।
आचार्य पं.श्री अजीत शास्त्री
9630750937,9540602909
04/10/2023
🚩पितृ पक्षीय अति आवश्यक जानकारी🚩
*पाप शमनीय कुतुप काल*
शास्त्रीय मतानुसार पितृपक्ष के दौरान पितरों का श्राद्ध कुतुप काल में ही करना चाहिए।
कुतप बेला दिन का आठवां प्रहर होता है।
इसे श्राद्ध कर्म के लिए सबसे ज्यादा शुभ माना जाता है।
जपनीय मंत्र..
🙏*ॐ देवताभ्यः पितृभ्यश्च महायोगिभ्य एव च नमःस्वाहै स्वधायै नित्यमेव नमो नमः।।
🙏 ऊं श्री परमात्मने नमः।
ऊं श्री सर्व पितृ दोष निवारणाय क्लेशम् हं हं सुख शान्तिम् देहि देहि स्वाहाः।।
🙏 ऊं पितृ गणाय बिद्महे जगत् धारिणे धीमहि तन्नो पित्रो प्रचोदयात्।।
आज
षष्ठी श्राद्ध - 4 अक्टूबर
कुतुप मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 47 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक।
सप्तमी श्राद्ध - 5 अक्टूबर
कुतुप मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 47 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक।
अष्टमी श्राद्ध - 6 अक्टूबर
कुतुप मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 33 मिनट तक।
नवमी श्राद्ध - 7 अक्टूबर
कुतुप मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 46 मिनट से 12 बजकर 33 मिनट तक।
दशमी श्राद्ध - 8 अक्टूबर
कुतुप मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 47 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक।
एकादशी श्राद्ध - 9 अक्टूबर
कुतुप मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 47 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक।
मघा श्राद्ध - 10 अक्टूबर
कुतुप मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 47 मिनट से 12 बजकर 34 मिनट तक।
द्वादशी श्राद्ध - 11 अक्टूबर
कुतुप मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 32 मिनट तक।
त्रयोदशी श्राद्ध -12 अक्टूबर
कुतुप मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक।
चतुर्दशी श्राद्ध -13 अक्टूबर
कुतुप मुहूर्त - सुबह 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक।
सर्व पितृ अमावस्या ==14 अक्टूबर कुतुप काल सुबह 11 बजकर 45 मिनट से 12 बजकर 31 मिनट तक।
*भाग्योदय ज्योतिष निकेतन*
आचार्य पं.श्री अजित कृष्ण शास्त्री
9630750937,9540602909
20/02/2021
श्री राधे,श्री कृष्णा,श्री राधे, श्री कृष्ण
!!!अकिंचन दिव्य श्रीमद्भागवत कथा !!
प्रारम्भ - 21 Feb से 27 Feb
यज्ञ पूर्णाहुति - 28 feb- 2021
यज्ञ स्थल - शिव शक्ति पीठ मंदिर सेक्टर - 55 Noida NCR Delhi